West Bengal
12 Aug, 2025
KKC, WB submitted a comprehensive 16-point Charter of Demands to the Eastern Coalfields Limited (ECL)
Date – 12 August 2025
In a decisive move to safeguard the legal and human rights of the unorganised and deprived coal mining contract workers, the West Bengal Pradesh Unorganised Workers and Employees Congress (KKC–WB) submitted a comprehensive 16-point Charter of Demands to the Eastern Coalfields Limited (ECL) authorities at Sodepur, Asansol.
The charter addressed critical issues such as:
Fair wages and timely payment for contract workers.
Health and safety measures in hazardous mining conditions.
Job security and regularisation of long-serving contract workers.
Social security benefits, including provident fund, gratuity, and medical coverage.
Protection against exploitation and arbitrary termination.
The delegation, led by State Coordinator for the Mining Sector, Advocate Rajeshwar Sharma, along with senior KKC–WB leaders, emphasised that the coal mining industry cannot thrive at the cost of workers’ dignity and rights. They urged the authorities to implement reforms without delay.
In response, the ECL authorities assured the delegation that appropriate and necessary action will be taken to address these demands, marking a significant step forward in the ongoing struggle for justice for coal mining contract workers.
This development has sent a strong message of hope to thousands of miners across the region — that their voices are being heard, their rights are being defended, and their fight for justice is gaining momentum.
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West Bengal
03 Aug, 2025
"नफ़रत छोड़ो, भारत जोड़ो
दिनांक – 03 अगस्त 2025, "विश्व मित्रता दिवस" (World Friendship Day) के अवसर पर, पश्चिम बंगाल प्रदेश असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC-WB) द्वारा एक सृजनात्मक और भावनात्मक पहल के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन उत्तर 24 परगना के गूमा स्टेशन पर किया गया।
इस अवसर पर केकेसी के कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर वर्षों से मेहनत कर रहे रेलवे हॉकर्स (स्ट्रीट वेंडर्स) भाइयों की कलाई पर "राहुल गांधी जी के चित्र वाला फ्रेंडशिप बैंड" बाँधकर उनके साथ स्नेह, सम्मान और एकता का संदेश साझा किया।
यह कार्यक्रम केवल एक प्रतीकात्मक बंधन नहीं था, बल्कि यह उन असंगठित श्रमिकों के सम्मान और उनके संघर्षों के साथ एकजुटता का सशक्त संदेश था, जिन्हें अक्सर समाज की मुख्यधारा में स्थान नहीं मिलता।
कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य:
असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के योगदान को पहचान देना।
यह दर्शाना कि कांग्रेस पार्टी और KKC उनके साथ खड़ी है – हर परिस्थिति में, हर संघर्ष में।
"नफ़रत छोड़ो, भारत जोड़ो" के विचार को जन-जन तक पहुँचाना।
राहुल गांधी जी के चित्र वाला फ्रेंडशिप बैंड इस विचारधारा का प्रतीक बना कि राजनीति केवल सत्ता नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, साझेदारी और संवेदनाओं की डोर से बंधा होना चाहिए।
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Tripura
20 Jul, 2025
त्रिपुरा प्रदेश द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया
दिनांक – 20 जुलाई 2025 को असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी), त्रिपुरा प्रदेश द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था भाजपा सरकार द्वारा आम जनता पर डाले जा रहे आर्थिक दबाव और मूल्यवृद्धि के खिलाफ रणनीति बनाना।
बैठक में राज्य भर के जिला अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में जनविरोधी नीतियों के खिलाफ त्रिपुरा के प्रत्येक ज़िले और ब्लॉक स्तर पर सशक्त जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।
बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चिंता व्यक्त की गई:
• हर घर में जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
• बिजली दरों में लगातार वृद्धि, जिससे घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
• रसोई गैस के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी, जिसने महिलाओं और कामकाजी परिवारों की दिनचर्या को कठिन बना दिया है।
• रोजमर्रा की ज़रूरतों की वस्तुओं—जैसे दूध, दाल, तेल, अनाज आदि—की कीमतों में भारी इज़ाफा, जिससे आमजन का जीवन संकट में है।
बैठक में यह बात प्रमुखता से उठी कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियाँ पूरी तरह से कॉर्पोरेटपरस्त और गरीब-विरोधी हैं। ये नीतियाँ केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाई जा रही हैं, जबकि आम नागरिक महँगाई, बेरोज़गारी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है।
त्रिपुरा केकेसी ने संकल्प लिया कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और जनता के हितों को केंद्र में रखकर संगठित जनचेतना और आंदोलन की लहर खड़ी की जाएगी।
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West Bengal
18 Jul, 2025
Shramik Sampark Abhiyan
On July 18, 2025, under the leadership of the West Bengal Pradesh Unorganised Workers and Employees Congress, a significant initiative — Shramik Sampark Abhiyan — is actively underway in Suri, Birbhum District, West Bengal. As part of this campaign, a comprehensive survey is being conducted among workers in the informal sector to assess their current conditions, challenges, and access to government welfare schemes.
The primary objective of this campaign is to connect with the unorganised workforce, understand their issues at the grassroots level, raise awareness about their rights, and strengthen their voice through collective organisation under the Congress banner.
This ongoing outreach reflects the deep commitment of the Congress party toward the welfare and empowerment of workers in the informal sector, who form the backbone of India's economy. Local workers and regional leaders are participating with full dedication, ensuring that every voice is heard and represented.
The Shramik Sampark Abhiyan is not merely a data-gathering exercise—it is a powerful movement aimed at social justice, grassroots mobilisation, and organisational strengthening. It stands as a strong testament to the Congress party’s resolve to uplift and support the labour force across the nation, beginning at the very foundations of society.
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West Bengal
18 Jul, 2025
conducting a survey-based labour relations campaign
July 18, 2025 – As part of a state-wide labour outreach effort, the West Bengal Pradesh Unorganised Workers and Employees Congress is actively conducting a survey-based labour relations campaign aimed at understanding the real-life conditions of workers in the informal sector.
On this day, a focused interaction was carried out with workers engaged in the human hair processing industry under the Bhagwanpur Vidhan Sabha constituency in Purba Medinipur district. During this important engagement, workers shared detailed insights about their work patterns, nature of employment, earnings, and the multiple challenges they face in their daily lives. Their feedback was carefully documented, highlighting both the strengths and serious shortcomings of their working conditions.
One of the most concerning findings revealed through the survey is that a large section of these workers remain deprived of the benefits of welfare schemes introduced by the State and Central Governments. Whether due to lack of awareness, bureaucratic hurdles, or systemic neglect, these hardworking individuals have been left out of the social safety net they are rightfully entitled to.
This campaign is not merely an academic exercise but a mission to give voice to the voiceless, bring visibility to their struggles, and initiate meaningful policy dialogue. The West Bengal Pradesh Unorganised Workers and Employees Congress remains fully committed to advocating for the rights, dignity, and well-being of informal workers, and will continue working relentlessly to ensure that no worker is left behind.
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West Bengal
18 Jul, 2025
श्रमिक संबंध अभियान
दिनांक – 18 जुलाई 2025 को असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC), पश्चिम बंगाल प्रदेश द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार "श्रमिक संबंध अभियान" (Labour Relations Campaign) का आयोजन बीरभूम ज़िले के सूरी-1 ब्लॉक में सफलता पूर्वक जारी है।
इस अभियान का उद्देश्य है:
असंगठित क्षेत्र में कार्यरत मज़दूरों और कर्मचारियों को उनके अधिकारों और श्रम कानूनों की जानकारी देना।
उन्हें संगठित रूप से आवाज़ उठाने और हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित करना।
श्रमिकों की समस्याओं को स्थानीय प्रशासन और राज्य नेतृत्व तक पहुँचाना।
इस अभियान में केकेसी के ज़िला व ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के दौरान श्रमिकों से सीधे संवाद कर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझा गया – जैसे:
न्यूनतम वेतन का उल्लंघन
काम के घंटों की अनियमितता
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ न मिलना
शोषण और ठेकेदारी प्रथा के चलते असुरक्षित भविष्य
कार्यकर्ताओं ने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि केकेसी न केवल उनके साथ खड़ी है, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी आवाज़ को बुलंद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह अभियान पश्चिम बंगाल में एक व्यापक बदलाव की ओर संकेत करता है, जिसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सशक्त, संगठित और जागरूक बनाकर उन्हें राजनीतिक और सामाजिक न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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Mumbai
16 Jul, 2025
मुंबई में असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC) के बैनर तले एक ऐतिहासिक सम्मेलन
16 जुलाई 2025 को मुंबई में असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC) के बैनर तले एक ऐतिहासिक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व मुंबई KKC की अध्यक्षा श्रीमती नीता महाडिक जी ने किया। यह आयोजन न केवल एक सम्मेलन था, बल्कि असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लाखों मज़दूरों की तकलीफों, संघर्षों और अधिकारों की सामूहिक अभिव्यक्ति बनकर उभरा।
इस मंच पर घरेलू कामगार, फेरीवाले, डिलीवरी पार्टनर्स, हॉस्पिटल के ठेका कर्मचारी, निर्माण मज़दूर, सफाई कर्मचारी और विभिन्न प्रकार के असंगठित श्रमिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में अपने शोषण, असुरक्षा, कम वेतन, अस्थायी रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की कमी जैसे मुद्दों को उठाया, और अपने हक़ की लड़ाई को और मज़बूती देने का संकल्प लिया।
सम्मेलन की मुख्य झलकियाँ:
प्रो. वर्षाताई गायकवाड जी का प्रेरणादायक मार्गदर्शन, जिन्होंने स्पष्ट कहा:
"असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों को यदि किसी ने मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है, तो वह कांग्रेस और केकेसी ही हैं।"
अनिल गणाचार्य जी ने सशक्त आवाज़ में कहा:
"सरकारें आती जाती रहेंगी, लेकिन हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक हर मज़दूर को न्याय और सम्मान नहीं मिल जाता।"
श्रीमती अजंता यादव जी ने जनहित के व्यापक दृष्टिकोण को रखते हुए कहा:
"श्रमिकों का कल्याण सिर्फ़ आर्थिक नहीं, सामाजिक और संवैधानिक अधिकार का भी मुद्दा है।"
सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे:
असंगठित श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की कानूनी गारंटी
सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा (ESI, PF, बीमा) का कवरेज
ठेका प्रथा और जबरन छंटनी पर नियंत्रण
महिला घरेलू कामगारों के लिए विशेष सुरक्षा नीति
प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स (जैसे डिलीवरी पार्टनर्स) के लिए नियामक ढांचा
यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण बन गया कि आज भी यदि कोई राजनीतिक संगठन है जो मज़दूरों की ज़मीन से जुड़ी समस्याओं को समझता है और उनके हक़ की आवाज़ बनकर खड़ा होता है — तो वह है भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
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West Bengal
15 Jul, 2025
“Shramik Sampark Abhiyan” campaign
As part of the ongoing “Shramik Sampark Abhiyan” campaign launched by the West Bengal Pradesh Unorganised Workers and Employees Congress (KKC), a significant discussion meeting was organized 15th July 2025 in Baruipur, South 24 Parganas, focusing on the critical issues faced by contractual workers employed under the Life Insurance Corporation of India (LIC).
This impactful session was aimed at bringing to light the various forms of exploitation, negligence, and deprivation that thousands of LIC contract workers endure on a daily basis — despite being employed by one of India's most trusted public sector institutions.
The meeting saw active participation from LIC contract workers, KKC district and state-level leaders, legal experts, and labour rights activists. The workers openly shared their experiences of working for years without job security, facing wage disparities, lack of health and social security benefits, and being denied basic rights enjoyed by permanent employees.
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West Bengal
02 Jul, 2025
Shri Rahul Gandhi ji’s birthday
On the auspicious occasion of Shri Rahul Gandhi ji’s birthday, the West Bengal unit of the Unorganised Workers and Employees Congress (KKC) celebrated the day with gig workers, delivery partners, and platform-based employees in the heart of Kolkata. The celebration was not merely ceremonial, but deeply symbolic of Rahul Gandhi ji’s enduring connection with India’s working class and his vision for a just, inclusive, and equitable society.
Organised under the leadership of KKC West Bengal, the event brought together workers from Swiggy, Zomato, Blinkit, Uber, Ola, and other gig platforms — who are today among the most under-recognized yet essential pillars of the urban economy. From navigating traffic, harsh weather, long working hours, and low earnings, these workers face challenges that mainstream policies often overlook.
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West Bengal
02 Jul, 2025
tragically died of two employees of Howrah Municipal Corporation
two employees of Howrah Municipal Corporation, Shri Umesh Mahato and Noor Mohammad, who were on duty, tragically died when a eucalyptus tree fell on them in front of the chairman's office.
The responsibility for this tragic death lies entirely with the Howrah Municipal Corporation authorities. Because the fact is that, this tree fell on them without any storm or flood disaster why proves the inefficiency of the corporation.
Today, the Pradesh KKC, West Bengal demanded to the Chairman and Commissioner of the Municipal Corporation, 1) a one-time compensation of Rs 20 lakh to each families of the deceased employees, 2) a job for one member from each family, 3) immediate payment of all statutory dues, 4) payment of all expenses up to cremation and burial and 5) to take appropriate measures to ensure that such incidents do not happen again in future.
It was announced that the biggest agitation will be launched if all the demands are not provided within the next one week.
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West Bengal
16 Jun, 2025
World Domestic Workers Day
On the eve of World Domestic Workers Day, a significant discussion program was organized at the West Bengal Pradesh Congress Office, Bidhan Bhavan, Kolkata, bringing together activists and grassroots leaders from the Unorganized Workers and Employees Congress (KKC – West Bengal). The gathering reflected a shared commitment to ensure social security, dignity, and justice for domestic workers and others engaged in the unorganized sector.
The session served as a powerful platform for deliberating the real challenges faced by millions of unorganized workers – including domestic workers, daily wage earners, construction laborers, and street vendors – who often remain deprived of basic rights such as minimum wage, health insurance, pension, and workplace safety.
The discussion was led by several dedicated members of KKC-West Bengal, under the coordination of Mr. Manas Banerjee, who has been actively mobilizing efforts to organize unorgnized labor and amplify their voices at the policy-making level. Mr. Banerjee emphasized the urgent need for government-backed welfare schemes and collective bargaining mechanisms to protect the rights of this vulnerable workforce.
Participants unanimously resolved to continue working shoulder to shoulder to raise awareness, build grassroots networks, and advocate for inclusive policies that prioritize the needs of the unorganized labor force.
Following the discussion, all attendees met with the President of West Bengal Pradesh Congress Committee, Shri Subhankar Sarkar, and shared a summary of the deliberations. Shri Sarkar extended his full support to the cause, appreciating the initiative taken by KKC-WB. He reaffirmed the Congress Party’s long-standing commitment to labor rights and promised to champion the demands of unorganized workers at the legislative and organizational levels.
This initiative marked an important step forward in building solidarity and laying the groundwork for a more just and equitable society. The KKC-West Bengal also announced plans to conduct a series of awareness and outreach programs across districts in the coming months.
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Haryana
10 Jun, 2025
हरियाणा प्रदेश कार्यकर्ता सम्मेलन
हरियाणा के मेहनतकश असंगठित कामगारों की आवाज़ को बुलंद करने की दिशा में असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) द्वारा आयोजित हरियाणा प्रदेश कार्यकर्ता सम्मेलन अत्यंत सफल और प्रेरणादायक रहा।
स्थान: जाट धर्मशाला, हिसार
तारीख: 10 जून 2025
समय: प्रातः 10 बजे
सम्मेलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और असंगठित क्षेत्र से जुड़े साथी शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत करने और कामगारों के हक़-अधिकारों की लड़ाई को संगठित रूप देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को केकेसी के राष्ट्रीय चेयरमैन, माननीय डॉ. उदित राज जी ने संबोधित किया। उनके ओजस्वी भाषण ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और दिशा का संचार किया। उन्होंने असंगठित कामगारों की दशा-दिशा पर विस्तार से बात की और संगठन को मज़बूत बनाने का आह्वान किया।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की जमीनी समस्याओं पर गंभीर चर्चा
संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की रणनीति
भविष्य की कार्ययोजनाओं और आंदोलनों की रूपरेखा
समाजसेवियों व क्षेत्रीय नेताओं के प्रेरणादायक विचार
यह सम्मेलन न केवल संवाद का माध्यम बना, बल्कि यह एक सशक्त जनसंगठन की ओर बढ़ते कदम की ठोस शुरुआत भी सिद्ध हुआ।
केकेसी हरियाणा प्रदेश सभी कार्यकर्ताओं, भागीदारों और समर्थकों का हृदय से धन्यवाद करता है जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाया।
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Haryana
27 May, 2025
मनरेगा वर्कर्स और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक
डॉ. उदित राज, चेयरमैन, असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी), के दिशानिर्देश पर केकेसी के वाइस चेयरमैन श्री संजय गाबा ने गांव राजथल, ब्लॉक नारनोंद, जिला हिसार में मनरेगा वर्कर्स और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की।
इस बैठक का उद्देश्य भाजपा सरकार की तानाशाही पूर्ण नीतियों और मजदूर विरोधी सोच के खिलाफ आवाज बुलंद करना था। श्री संजय गाबा ने उपस्थित श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार श्रमिकों के अधिकारों का हनन कर रही है और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की लगातार अनदेखी कर रही है।
उन्होंने ऐलान किया कि केकेसी आने वाले समय में संगठित विरोध और आंदोलन के माध्यम से मजदूरों के हक के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। बैठक में मनरेगा और कंस्ट्रक्शन वर्कर्स ने सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
बैठक में क्षेत्र के कई स्थानीय कार्यकर्ताओं और मजदूर प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और अपनी समस्याओं को साझा किया।
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Tripura
22 May, 2025
त्रिपुरा का प्रदेश सम्मेलन
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आज अगरतला में असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) त्रिपुरा का प्रदेश सम्मेलन आयोजित किया गया। इस आयोजन की अध्यक्षता केकेसी त्रिपुरा चेयरमैन श्री संतानु पाल ने की।
सम्मेलन को मुख्य रूप से केकेसी के राष्ट्रीय चेयरमैन माननीय डॉ. उदित राज जी ने संबोधित किया और राजीव गांधी जी के दूरदर्शी विचारों को याद करते हुए असंगठित क्षेत्र के कामगारों के अधिकारों पर जोर दिया।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
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Delhi
18 Apr, 2022
ऑटो-ट्रांसपोर्ट यूनियन द्वारा आयोजित दो दिवसीय हड़ताल का समर्थन
दिनांक 18 अप्रैल 2022, दिल्ली में ऑटो-ट्रांसपोर्ट यूनियन द्वारा आयोजित दो दिवसीय हड़ताल के समर्थन में दिल्ली के असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक सशक्त विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष श्री किशन वर्मा जी एवं प्रदेश महासचिव श्री रामचंद्र जी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें ट्रांसपोर्ट क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों श्रमिकों एवं यूनियन प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम कर रहे लाखों ड्राइवरों, कंडक्टरों, ऑटो और टैक्सी चालकों की आवाज को बुलंद करना और उनके सामाजिक-आर्थिक अधिकारों की रक्षा हेतु सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ते ईंधन मूल्यों, कम होती आय, सरकारी उपेक्षा और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाई।
इस अवसर पर केकेसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री संजय गाबा जी भी प्रदर्शन में उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के मज़दूर इस देश की अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा हैं, लेकिन उन्हें न तो सामाजिक सुरक्षा प्राप्त है और न ही नीति-निर्माण में उनकी कोई भागीदारी। उन्होंने सरकार से मांग की कि ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के श्रमिकों को संगठित क्षेत्र के बराबर अधिकार, बीमा, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान की जाएं।
श्री किशन वर्मा जी ने अपने भाषण में कहा कि यह हड़ताल सिर्फ वेतन या सुविधाओं की मांग नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार की मांग है। उन्होंने कहा कि केकेसी ट्रांसपोर्ट यूनियन हर स्तर पर ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और जनसंघर्ष की भावना से परिपूर्ण था, जिसमें केकेसी ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि वह असंगठित श्रमिकों की हर लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहने वाला संगठन है।
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